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Monday, May 25, 2026
Tuesday, October 14, 2025
कर्मचारियों के नियमितीकरण पर बचने की कोशिश न करें सरकारें- हाईकोर्ट
कर्मचारियों के नियमितीकरण पर बचने की कोशिश न करें सरकारेंः हाई कोर्ट
वर्षों तक नियमित कार्य करवाने पर भी अस्थायी दर्जे में रखना असंवैधानिक
लंबे समय से सेवाएं दे रहे अस्थायी, दैनिक वेतनभोगी व अनुबंधित कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर याचिकाओं पर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब व हरियाणा सरकार को आड़े हाथों लिया है। कहा कि सरकारें इस मामले में संवैधानिक अदालतों के फैसलों से बचने की नीति अपना रही हैं।
जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की एकल पीठ ने इस रवैये को असंवैधानिक करार देते हुए कहा कि - यह न केवल कर्मचारियों के मौलिक अधिकारों का हनन है, बल्कि समानता व गरिमा के सिद्धांतों की - भी अनदेखी है। दोनों राज्य बार बार ऐसी नीतियां - बनाते हैं, जिनका उद्देश्य अदालतों के आदेशों को लागू करने से बचना होता है। यह देखा जा रहा - है कि नियमितीकरण के दावों को न तो स्वीकार किया जाता है व न ही अस्वीकार, जिससे कर्मचारी वर्षों तक अनिश्चितता की स्थिति में रहते हैं। कर्मचारियों की नियमितीकरण की मांग - के बारे में दायर कई याचिकाओं पर सुनवाई करते - हुए कोर्ट ने टिप्पणी की कि अस्थायी या ठेका
कर्मचारियों से वर्षों तक नियमित कार्य करवाय और फिर भी उन्हें अस्थायी दर्जे में रखना असंवैधानिक है और यह राज्य के एक आदश नियोक्ता होने के सिद्धांत के विपरीत है। हाई कोट ने स्पष्ट किया कि वित्तीय संकट, स्वीकृत पद की कमी, योग्यता की अनुपलब्धता या सर्वोच्च न्यायालय के पुराने निर्णयों का हवाला देकन नियमितीकरण से बचना न्यायोचित नहीं ठहराय जा सकता। राज्य और उसके अधीन संस्थान कर्मचारियों का शोषण नहीं कर सकते और उन्हें स्थायी लाभों से वंचित नहीं रख सकते। कोर्ट ने यह भी कहा कि अस्थायी करण कर्मचारियों के जीवन व सामाजिक सुरक्षा के अधिकार पर गहर प्रभाव डालता है। लंबे समय तक अस्थायी स्थिति में रखे जाने से उनकी पेशेवर स्थिरता, पारिवारिक जीवन और आत्मसम्मान प्रभावित होता है हाई कोर्ट ने दोनों राज्यों को चेतावनी दी कि वे भविष्य में ऐसी नीतियां न बनाएं जिनसे कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन हो या कर्मचारियों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार जारी रहे। साथ ही यह भी निर्देश दिया कि कर्मचारियों के दावे तय समय सीमा में निपटाए जाएं ताकि उन्हें न्याय मिल सके
Monday, October 13, 2025
ई0पी0एफ0ओ ने न्यूनतम कार्यकाल की सीमा घटाई, न्यासी बोर्ड ने कई अन्य बड़े फैसले लिए
ई0पी0एफ0ओ ने न्यूनतम कार्यकाल की सीमा घटाई, न्यासी बोर्ड ने कई अन्य बड़े फैसले लिए
बदलाव - 12 माह की सेवा अवधि में ही पीएफ राशि निकाल सकेंगे।
नई दिल्ली, विशेष संवाददाता।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की केंद्रीय न्यासी बोर्ड बैठक में कर्मचारियों को राहत देने वाले कई अहम फैसले लिए गए। अब पीएफ खाते से सभी तरह की निकासियों के लिए न्यूनतम सेवा अवधि घटाकर सिर्फ 12 महीने कर दी गई है।
पहले आंशिक निकासी के लिए न्यूनतम सेवा अवधि पांच साल और शादी-विवाह के लिए निकासी की न्यूनतम सेवा अवधि सात साल थी। इसी तरह से ईपीएफओ खाते से धनराशि निकालने के लिए मौजूदा 13 प्रावधानों को खत्म कर तीन प्रावधानों को ही लागू करने का फैसला किया गया है। इससे निकासी प्रक्रिया और आसान हो जाएगी। इसके साथ ही अब ईपीएफओ सदस्यों को आवश्यक जरूरतें (बीमारी, शिक्षा, विवाह), आवास संबंधी जरूरतें और विशेष परिस्थिति दिखाकर खाते से पैसा निकाल सकेंगे। हालांकि, अंतिम दावा निपटान अवधि को बढ़ा दिया गया है। इसे दो महीने से बढ़ाकर 12 महीने कर दिया गया है।
विशेष परिस्थिति के लिए कारण बताना जरूरी नहीं
विशेष परिस्थितियों के मामले में सदस्य को कारण बताने की आवश्यकता नहीं होगी। पहले कारण बताना जरूरी होता था, जिससे कई दावे खारिज हो जाते थे। अब कर्मचारी बिना कोई कारण बताए भी आवेदन कर सकता है।
निकासी की सीमा बढ़ाई गई
- अब शिक्षा के लिए 10 बार और विवाह के लिए 5 बार निकासी की अनुमति होगी।
- पहले शादी और शिक्षा दोनों मिलाकर अधिकतम 3 बार तक निकासी की अनुमति थी।
- अब किसी भी आंशिक निकासी के लिए न्यूनतम सेवा अवधि सिर्फ 12 महीने रखी गई है।
घर से जमा कर पाएंगे जीवन प्रमाण पत्र
ईपीएफओ ने इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के साथ समझौता ज्ञापन को मजूरी दी। इसके बाद पेंशनभोगी अपना डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र घर बैठे जमा कर सकेंगे। प्रति सर्टिफिकेट 50 रुपये खर्च होंगे, जिसे पूरी तरह ईपीएफओ वहन करेगा। यह सुविधा ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के बुजुर्ग पेंशनरों के लिए राहत साबित होगी।
'विश्वास योजना' में भी राहत दी गई
- अभी नियोक्ताओं द्वारा पीएफ की रकम देरी से जमा करने पर जुर्माने की दर 5% से 25% प्रति वर्ष थी, इसे घटाकर सिर्फ एक फीसदी प्रतिमाह किया गया।
- दो महीने की देरी पर 0.25 और चार महीने की देरी पर 0.50 फीसदी जुर्माना लगेगा।
- यह योजना छह महीने तक लागू रहेगी, जिसे आगे छह महीने और बढ़ाया जा सकता है। इस योजना से नियोक्ताओं और ईपीएफओ सदस्यों, दोनों को फायदा होगा।
- नियोक्ताओं को विवादों से राहत मिलेगी और कर्मचारियों को उनका पैसा जल्दी और आसानी से मिलेगा।
- इससे 6000 से अधिक मामलों का निपटारा होगा और 2,400 करोड़ से अधिक के बकाया विवाद समाप्त होंगे।
अन्य अहम निर्णय
- अब यह सभी निकासी बिना किसी दस्तावेजी प्रक्रिया के 100 फीसदी ऑटो दावा निपटान से होंगी।
- अंतिम दावा निपटान के लिए अवधि को 2 महीने से बढ़ाकर 12 महीने किया गया।
- अंतिम पेंशन निकासी की अवधि दो महीने से बढ़ाकर 36 महीने की गई।
- अब फाइलें ऑनलाइन और तेजी से निपटाई जाएंगी। इससे उच्च पेंशन, विशेष सत्यापन और अन्य सुधार जैसे मामलों की गति बढ़ेगी।
13 तरह के प्रावधानों को खत्म किया गया, जो पीएफ निकासी पर लागू होते थे।
मंत्रालय ने सोमवार को 'कर्मचारी नामांकन अभियान, 2025' (ईईसी 2025) की शुरुआत की। इसके तहत पीएफ खाते से वंचित निजी क्षेत्र के कर्मचारियों का पंजीकरण किया जाएगा। यह योजना एक नवंबर, 2025 से 30 अप्रैल, 2026 तक लागू रहेगी। योजना के अनुसार, नियोक्ता उन सभी मौजूद्रा कर्मचारियों का नामांकन कर सकते हैं, जो एक जुलाई 2017 और 31 अक्टूबर, 2025 के बीच प्रतिष्ठान में शामिल हुए है लेकिन किसी वजह से पहले ईपीएफ योजना में नामांकित नहीं थे।
ईपीएफ रिटर्न भरने की ने समयसीमा बढ़ी
ईपीएफओ ने सितंबर माह के लिए ईपीएफ रिटर्न या ईसीआर दाखिल करने की समयसीमा एक सप्ताह बढ़ाकर 22 अक्टूबर, 2025 तक कर दी है। श्रम मंत्रालय के एक बयान में कहा कि नियोक्ताओं को हर महीने की 15 तारीख तक ईसीआर दाखिल करना अनिवार्य है।
Sunday, October 12, 2025
नए साल में एटीएम से पीएफ निकासी संभव
ईपीएफओ बोर्ड की बैठक में कई प्रस्ताव को मिल सकती है मंजूरी
नए साल में एटीएम से पीएफ निकासी संभव|
उम्मीद
नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) अगले वर्ष की शुरुआत से अपने सदस्यों को एटीएम के जरिए अंशदान निकासी की सुविधा देने जा रहा है।
इस सुविधा को शुरू करने के लिए मौजूदा सिस्टम को अपग्रेड कर नया आईटी सिस्टम 3.0 लाने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। सोमवार को होने वाली ईपीएफओ से केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) की बैठक में इसे मंजूरी मिल सकती है। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय चाहता है कि जनवरी 2026 से ईपीएफओ में यह सुविधा अनिवार्य तौर पर लागू हो जाए। इसके चलते केंद्रीय न्यासी बोर्ड की बैठक में 3.0 सिस्टम को लागू कराने का प्रस्ताव रखा जाएगा।
चर्चा है कि बैठक में 11 वर्ष के बाद न्यूनतम पेंशन को बढ़ाने का फैसला लिया जा सकता है लेकिन सूत्र बताते हैं कि पेंशन बढ़ोतरी का मुद्दा बैठक से जुड़े एजेंडे में शामिल नहीं है। क्योंकि सरकार सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखकर अलग से यूनिवर्सल पेंशन स्कीम लाने की दिशा में काम कर रही है, जिसमें सदस्य अपनी इच्छा के हिसाब से योगदान करके पेंशन को बढ़ा सकते हैं।
- आवश्यकता पर सदस्यों को एक निश्चित सीमा तक बिना किसी पूर्व अनुमति के फंड निकासी की सुविधा दी जाएगी, जिसे सदस्य एटीएम से निकाल सकेंगे।
- सदस्य के निकासी दावे का पूरा स्टेटस ऑनलाइन दिखेगा। दवां कहां अटका है और कब निपटेगा, पता चला सकेगा।
- नौकरी बदलने पर आपका पीएफ खाता अपने आप नए नियोक्ता के खाते में स्वचालित रूप से ट्रांसफर हो जाएगा।
- आधार और केवाईसी प्रक्रिया को तेज बनाया जाएगा। पीएफ खाते में किसी भी अपडेट को ऑनलाइन कर सकेंगे।
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Friday, October 10, 2025
पीएफ खातों में नई सुवधिाएं मिलेंगी
पीएफ खातों में नई सुविधाएं मिलेंगी
नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। - कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की बोर्ड बैठक सोमवार 13 अक्टूबर को होगी, जिसमें ईपीएफओ से जुड़ी कई सुविधाओं को मंजूरी दी जा सकती है।
खास तौर पर पीएफ खाते में बैंकिंग जैसी सुविधाएं देने का रास्ता साफ हो सकता है। साथ ही पीएफओ 3.0 सिस्टम को लागू करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। इसे लागू करने की समय-सीमा भी निर्धारित होगी। काफी से चर्चा है कि बैठक में न्यूनतम पेंशन दिनों को बढ़ाने का फैसला लिया जा सकता है लेकिन सुत्र बताते हैं कि अभी तक पेंशन बढ़ोतरी को मुद्दा एजेंडे में शामिल नहीं है। कर्मचारी संगठन लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि मौजूदा न्यूनतम पेंशन एक हजार से बढ़ाकर साढ़े सात हजार रूपये मासिक किया जाए। यह भी चर्चा है कि बैठक में न्यूनतम पेंशन को ढाई हजार रूपये हो सकती है।
बैठक में ईपीएफओ की निगरानी में संचालित रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन (ईएलआई) योजना से जुड़े कार्यों की समीक्षा की जाएगी। एक अगस्त से लागू यह योजना 31 जुलाई 2027 तक चलेगी। इसका उद्देश्य देश भर 3.5 करोड़ से अधिक नई औपचारिक नौकरियां पैदा करना है। योजना के जरिए पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों को 15 हजार रुपये तक का प्रोत्साहन और नियोक्ताओं को एक लाख तक के वेतन वाले नए कर्मचारियों के लिए तीन हजार रुपये प्रति माह का प्रोत्साहन दिया जाना है।
Wednesday, June 12, 2024
Wednesday, February 21, 2024
Thursday, February 15, 2024
बेल्ट्रॉन से बहाल संविदा कर्मियों को साल में 16 दिन का अर्जित अवकाश
निदेशक पर्षद की बैठक में लिए गए निर्णय के आलोक में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों⁄कार्यालयों में संविदा पर कार्यरत प्रोग्रामर‚ स्टेनोग्राफर‚ डाटा इन्ट्री ऑपरेटर एवं आई०टी० ब्यॉय⁄गर्ल को माह जनवरी‚ 2024 के प्रभाव से प्रदान की जाने वाली अवकाश।
Wednesday, January 10, 2024
डाटा इन्ट्री ऑपरेटर काे प्रत्येक तीन माह पर मिलेगा अग्रिम पारिश्रमिक
डाटा इन्ट्री ऑपरेटर काे प्रत्येक तीन माह पर मिलेगा अग्रिम पारिश्रमिक
बेल्ट्रॉन ने जारी किया आदेश
आदेश देखने के लिए PDF File Download क्लिक करें।















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